Saturday, July 2, 2022

दाढ़ निकालने के लिए कितना खर्चा आएगा ?

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नमस्कार दोस्तों । फ्री सिंपलीफाइड इंफॉर्मेशन वेबसाइट में आप सभी का हम स्वागत करते हैं । आज हम आपको हमारे इस आर्टिकल मे दाढ़ निकलने के लिए कितना खर्चा आता है इससे जुड़ी जानकारी बताने वाले हैं । कैविटी हमेशा हमारे दांतों में प्लाक और अन्य कारणो की वजह से होती है। बहुत बार हम रात को सोते समय दांतों में चिपकने वाला भोजन खाते है उस वजह से कैविटी होने की संभावना ज्यादा होती है।अगर कैविटी समय पर ठीक नही होती है तो दांत निकलना पड़ सकता है।नीचे कुछ कैविटी होने के लक्षण दिए गए है।

लक्षण :-

कैवीती के लक्षण उनके फैलाव के आधार पर भिन्न होते हैं। जब कोई कैविटी सुरूवती दौर में उत्पन होती है तो कोई लक्षण नहीं होता है। जैसे-जैसे दांतो का क्षय होता जाता है, वैसे लक्षण बढ़ते जाते है। नीचे दिए गए कुछ कारण है:

  • दाढ़ में हल्का दर्द जो बिना किसी स्पष्ट कारण के होता है।
  • दाढ़ संवेदनशील हो जाते है ठंडा या गरम चीजों के लिए संवेदन शील होते हैं।
  • मीठा, गर्म या ठंडा कुछ भी खाते या पीते समय हल्का से तेज दर्द होता है।
  • आपके दांतों ब्लैंक छेद या गड्ढे दिखाई देते है।
  • दाढ़ की सतह पर भूरा, काला या सफेद दाग दिखता है।
  • कुछ भी खाने पर दर्द होता है।

कारण :-

कैविटी दांतों में सड़न के कारण होती है – यह प्रक्रिया समय के साथ होती है। नीचे कुछ कराना की चर्चा की गई है:

प्लाक्व टाइप – दांतो का प्लाक्व चिपचिपी परत होती है जो आपके दांतों के ऊपर बढ़ती है। प्लाक हमेशा ज्यादा मीठा और स्टार्च खाने से होता है और अपने दांतों की अच्छी तरह से सफाई न होने के कारण बढ़ता है। जब शक्कर और स्टार्च को साफ नहीं किया जाता ,तो बैक्टीरिया जल्दी से उन पर बढ़ना शुरू करते हैं और प्लाक तयार करते हैं। आपके दांतों होने वाली प्लाक आगे चलके मसूड़े के नीचे या ऊपर सख्त होती है जिसे टार्टर (कैलकुलस) कहा जाता है। टार्टर प्लाक को साफ नहीं होने देता और ज्यादा बैक्टीरिया पैदा करता है ।

प्लाक अटैक- प्लाक में जो एसिड होता है वो आपके दांतों के , बाहरी इनेमल बसे मिनरल्स को हटा देता है। यह कैविटी बनने का पहला स्टेप है। एक बार जब इनेमल के क्षेत्र खराब होता है तो बैक्टीरिया और एसिड डेंटिन तक पहुंचते है जिसे सेकंड लेयर कहते है। डेंटीन इनेमल की तुलना में नरम होता है और एसिड से जल्दी क्षय होता है । डेंटिन में छोटी नलिकाएं होती हैं जो सीधे दांत की नसों को जोड़ता है जिससे संवेदनशीलता पैदा होती है।

डिस्ट्रक्टन शुरू रेहेता हैं– जैसे-जैसे दांतों में सड़न विकसित होती है, बैक्टीरिया और एसिड आपके दांतों के हर क्षेत्र को क्षति पहुंचाता है और अंत में नसों तक पहोचता है। और नसों में सूजन पैदा करता है। दाढ़ के अंदर सूजन के लिए जगह नहीं होती है, उस वजह से पल्प और नसे दब जाती है, जिससे दर्द होता है।.

निवारण-

मुंह और दांतो की स्वच्छता कैविटी होने से रोकती है। नीचे दिए गए सुझाव कैविटी को रोकने में मदद करते है।। अपने सब आजमाने से पहले आपके दंत चिकित्सक से सलाह ले।

खाने या पीने के बाद फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश करें –

अपने दांतों को दिन में कम से कम दो बार सुबह शाम फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें। अपने दांतों के बीच की सफाई करने के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनर का इस्तेमाल करें।

अपना मुँह को कुल्ला करे –

  • फ्लोराइड युक्त माउथवॉश से कुल्ला करे।ये कैविटी रोकने में मदद करता है।
  • अपने दंत चिकित्सक के पास नियमित रूप से जाएँ
  • अल्ट्रासोनिक दांतों की सफाई के लिए डेंटिस्ट के पास जाए और नियमित मौखिक जांच कराए। इससे आपको कैविटी से बचने में मदद मिलेगी।

दंत सीलेंट पर विचार करें –

सीलेंट एक सुरक्षात्मक प्लास्टिक कोटिंग है जिसे पिछले दांतों की चबाने वाली सतह पर लगाया जाता है। यह खांचे और क्रेनियों को बंद कर देता है जो भोजन एकत्र करते हैं, दांतों के इनेमल की रक्षा करते हैं.पट्टिका और एसिड से। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) सभी स्कूली बच्चों के लिए सीलेंट की सिफारिश करता है।

फ्लोराइड वाले नल का पानी पिएं –

सार्वजनिक जल में फ्लोराइड मिला रहता है, जो दांतों की सड़न को रोकने में मदद करता है। बोतलबंद पानी पीते का इस्तेमाल कम करे क्योंकि उसमे फ्लोराइड नहीं होता है।

फ्लोराइड उपचार पर विचार करें –

कभी कभी फ्लोराइड एप्लीकेशन भी जरूरी होता है। जो डेंटिस करता है। जब फ्लोराइड युक्त पेयजल और अन्य स्रोतों के माध्यम से पर्याप्त फ्लोराइड नहीं मिलता है तो फ्लोराइड एप्लीकेशन करना चाहिए।

  • एंटीबैक्टेरिल उपचार के बारे में पूछें ।
  • एंटीबैक्टीरियल माउथ वॉश का प्रयोग करे।

एक दाढ़ निकालने में कितना खर्च होता है :-

दांत निकालने से पहले लोगों के मन में यह सवाल होता है कि दांत निकालने में कितना खर्च आता है ? वैसे, भारत में दांत निकालने पर कम खर्चा आता है। दांत निकलना अगर ज्यादा कठिन है या उसमे कॉम्प्लिकेशन है तो ज्यादा खर्चा भी हो सकता है।

जब दांत पूरी तरह से सड़ जाता है और उपचार संभव नहीं होता है तो दांत निकालना ही पड़ता है। जब अकाल दाड निकलनी है तो ३००० से ५००० तक खर्चा आ सकता है। और अगर नॉर्मल दात निकालना है तो ५०० रूपये से भी निकला जाता है। ये पूर्णतः आपके डेंटिस्ट के उपर निर्भर है।

आशा करते है के आपको आज की जाणकारी पसंद आयी होगी ओर सुझाव ओर जाणकारी के लिये कॉमेंट करे

धन्यवाद् !

 

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