Saturday, July 2, 2022

एम आर आई स्कैन क्या है? और यह क्यों किया जाता है?

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नमस्ते दोस्तों, आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएँगे कि एम आर आई स्कैन क्या है? और यह क्यों किया जाता है?

एम आर आई का मतलब मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (Magnetic Resonance Imaging) एम आर आई स्कैन एक मेडिकल जांच है। यह एक एडवांस एक्सरे टेक्निक है। एम आर आई स्कैन की मदद से मेडिकल साइंस में बहुत ज्यादा तरक्की की है।

क्योंकि यह एक ऐसी मेडिकल जांच है जिसमें डॉक्टर किसी भी मशीन को बीना शरीर के भीतर डाले इंसान के शरीर के हर एक हिस्से की जानकारी प्राप्त कर सकते है। उस पर आगे का इलाज कर सकता है। इसका यह फायदा है कि डॉक्टर को बीमारी की तह तक जाकर उस बीमारी का इलाज करने में सहायता प्राप्त होती है।

आजकल के वातावरण में जो प्रदूषण बहुत ज्यादा है। उसकी वजह से लोगों को कई सारी अनगिनत बीमारियों का सामना करना पड़ता है। कई बीमारियाँ तो ऐसे भी होते हैं। जो डॉक्टर के भी पता नहीं लगा सकते। इसके लिए कई बार डॉक्टर एम आर आई, सिटी स्कैन कराने के लिए बोलते हैं। इसकी मदद से डॉक्टर को विस्तृत रूप में बीमारियों की जानकारी प्राप्त होती है। और उसके अनुसार वह आगे के उपचार करते हैं।

एम आर आई एक मेडिकल जांच है इसमें मैग्नेटिक रेडियो वेव्स और कंप्यूटर और डिजिटल कैमरा की सहायता से शरीर की छोटे से छोटे हिस्से का भी चित्र लिया जाता है। जिससे कि डॉक्टर अच्छे से बीमारी का जांच कर पाए और उस पर उपचार शुरू कर पाए।

एम आर आई स्कैन शरीर के किसी भी एक हिस्से का या तो पूरे शरीर का किया जाता है। और इसकी सहायता से शरीर के अंदरूनी से अंदरूनी हिस्से का चित्र लिया जा सकता है। और उसके जड़ पता किया जा सकता है।

एम आर आई स्कैन क्या है?

एम आर आई स्कैन की जांच से शरीर में अंदरूनी चोट और दूसरे किसी गंभीर बीमारियों का इलाज करने से पहले डॉक्टर मरीज़ को मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन कराने की सलाह देते हैं। मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन द्वारा लिए गए कंप्यूटर के चित्र से इंसानी शरीर के अंदर का पता लगाया जा सकता है। बिना किसी मशीन को इंसान के शरीर में डाले बिना यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जांच होती है। जिसकी सहायता डॉक्टर मरीज का आगे का इलाज कर पाते है कि, किस कारण वश यह बीमारी या कोई भी समस्या उत्पन्न हुई है। और डॉक्टर को उसके संबंधित उपचार करने में आसान हो जाता है।

मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन क्यों किया जाता है?

एम आर आई स्कैन इंसान की अंदरूनी चोट या कभी किसी एक्सीडेंट में ऐसी गंभीर चोट लगना जिसका पता नहीं चल पा रहा है यह पता लगाने के लिए किया जाता है। यह कोई गंभीर बीमारी होने के बाद डॉ मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन कराने की सलाह देते हैं। मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन की मदद से बीमारी के साथ-साथ बीमारी के बाद किए जाने वाले इलाज कितनी अच्छी से इंसान के शरीर पर हो पा रहा है या नहीं?

इसका भी पता इस जांच के सहायता से किया जा सकता है। एम आर आई स्कैन की मदद से यह भी पता चलता है। कि आपका दिमाग रात को सोते समय कितना चलता है। और कैसे काम करता है। अगर आप कोई काम कर रहे हो तो दिमाग का कौन सा हिस्सा सबसे ज्यादा काम करता है। इसका भी जांच एम आर आई स्कैन की जांच से पता किया जा सकता है।

एम आर आई करने से पहले क्या करते हैं

  • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन  की जांच हॉस्पिटल और रेडियोलॉजिस्ट क्लीनिक में की जाती है। 
  • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन करने से पहले इंसान को दो से तीन घंटे पहले कुछ भी नहीं खाना होता है। 
  • एम आर आई स्कैन की जांच करने के लिए विशेषज्ञ होते हैं जो यह जांच करते हैं।
  • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन का एक मशीन होता है उसमें एक टेबल होता है उस पर इंसान को लेटा देते हैं। 
  • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन करने से पहले अगर इंसान ने कुछ भी जेवर पहने है तो उसको निकालना पड़ता है जेसी की चैंन, कड़ा, अंगूठी इत्यादि।
  • उसके बाद इंसान को एम आर आई स्कैन के मशीन पर लिटा दिया जाता है और उस टेबल को मशीन के अंदर भेज दिया जाता है। मैग्नेटिक तरंगों की वजह से इंसान के अंदरुनी हिस्से की चित्र ले ली जाता है। और उसकी सहायता से डॉक्टर को मरिज की अंदरूनी चोट का पता लगाकर उस पर इलाज करने के लिए सहायता प्राप्त होती है।
  • कंप्यूटराइज की सहायता से यही विभिन्न चित्र को कंप्यूटर 3D इमेज में बदलाव किया जाता है। जिससे कि डॉक्टर अच्छे से समझने में आए।

शरीर के किन हिस्सों का एम आर आई स्कैन किया जाता है और कब किया जाता है?

  • आंतरिक चोट और अंदरुनी रक्त प्रवाह की जांच के लिए।
  • यह जरूरी नहीं है कि पूरी शरीर का स्कैन किया जाए यह किसी भी हिस्से का अंदरूनी चोट का पता लगाने के लिए किया जाता है। 
  • दीमाग में चोट या ब्रेन ट्यूमर की जांच के लिए।
  • और यदि एक्सीडेंट में मस्तिक का फैक्चर हो जाता है तो उसकी जांच की जाती है।
  • कैंसर और ह्रदय रोग की जांच के लिए किया जाता है।
  • इंसान की अंदरुनी शारीरिक रचना की जांच के लिए भी सिटी स्कैन किया जाता है।
  • किसी भी दुर्घटना के बाद होने वाली अंदरूनी रक्त प्रवाह की जांच के लिए।
  • कोई भी  अंदरूनी सर्जरी करने से पहले डॉक्टर सिटी स्कैन करने की सलाह देते हैं।
  • जोड़ों की समस्या एवं हड्डी के फ्रैक्चर की जानकारी के लिए भी डॉक्टर सी टी स्कैन की सलाह देते हैं।

एम आर आई स्कैन की जांच कराने के लिए कितना पैसा लगता है?

मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन करने में बहुत ज्यादा खर्च आता है। परंतु यह पूरी तरह से इस पर निर्धारित है, कि आप शरीर के किस हिस्से का एम आर आई स्कैन करना चाहते हैं। या किस अंगों का हमारे डॉक्टर ने बोला है अगर किसी एक हिस्से का आपको हमारा करना है। तो इसका आपको 1500 से 2500 तक खर्चा आ सकता है। और अगर आपको पूरे शरीर का हमारा करना है। तो इसका 4000 से 4500 तक खर्चा आ सकता है।

मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन पूरी तरह से इस पर निर्भर करता है। आप किस एरिया या किस हॉस्पिटल में आपका एम आर आई कर रहे हैं। अगर आप किसी बड़े हॉस्पिटल में एम आर आई कर रहे हैं। तो इसका इसकी जांच की कीमत और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं।

एम आर आई स्कैन से करने से पहले क्या सावधानी बरतें

यह स्कैन करने से पहले अगर आपने अपने कान, नाक या दांत में किसी भी तरह की मेटल या तार लगवाई हुई है। तो इस बात की सूचना अपने डॉक्टर को पहले ही कर दीजिए। क्योंकि इससे आपकी शरीर पर नुकसान हो सकता है।

अगर आपको किसी चीज की एलर्जी है तो यह बात भी आप डॉक्टर को बता दीजिए। क्योंकि इससे आपकी एलर्जी और ज्यादा बढ़ सकती है। और आपको तकलीफ़ हो सकते हैं।

एम आर आई स्कैन एक मैग्नेटिक तरंगों की मदद से किया जाने वाला स्केन है। इसके लिए जब भी आप स्कैन करने के लिए अंदर जाते हैं। तो आपको यह ध्यान रखना है, कि आपके साथ में कोई भी धातु की चीज अंदर नहीं जानी चाहिए। क्योंकि मैग्नेटिक वेव्स इतनी शक्तिशाली होती है। कि वह अपने तरफ धातु की चीज को आकर्षित करती है। इसीलिए स्कैन करने में बहुत बड़ी समस्या हो सकती है। और इससे आपके शरीर को भी हानि पहुंच सकती हैं। इसके लिए इस चीज का ध्यान रखें।

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