Wednesday, September 28, 2022

दिमाग को तेज कैसे बनाए ? आसान तरीके के साथ

जरुर पढ़े

दिमाग को कैसे तेज बनाएं ? नमस्ते दोस्तों आज कहां हमारा यह टॉपिक बहुत याने बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि हमारे शरीर को चलाने वाला दिमाग होता है और उसे कैसे हम तेज बना सकते हैं।

इसके बारे में हम आज इस लेख के माध्यम से जानकारी लेंगे। दोस्तों हमारे शरीर के हर एक अंग दिमाग से जुड़े हुए होते हैं। और दिमाग के जरिए ही हमारा शरीर काम करता है। अब आपके मन में एक सवाल उठेगा कि दिमाग कैसे शरीर को चलाता है कैसे उसका पता लगता है तो दोस्तों दिमाग यह सेंड पर याने सेंसेशन पर चलता है जैसे कि मानो आपके हाथों किसी ने स्पर्श किया तो आपको कैसे पता चलेगा ?

तो यह बात हमें दिमाग के सेंसर के जरिए पता चलेगी कि किसी ने हमारे हाथ को या शरीर के किसी भी अंग को स्पर्श किया और यह क्रिया बहुत ही कम समय के अंदर हो जाती है। या फिर आप कही गिर गए आपको चोट लगी हो तो तो यह बात भी दिमाग के सेंस से पता चलती है। या आपके शरीर के भीतर कोई अंग दर्द कर रहा होगा तो यह भी दिमाग के सेंस से पता चलती है जैसे कहा दर्द हो रहा है? कितना हो रहा है? कबसे हो रहा है? यही सभी बाते दिमाग के जरिये चलती है और कंट्रोल होती है। इसमें में आपको 5 ऐसे नुस्खे बताऊंगा की जल्द से जल्द आपका दिमाग तेज हो जाएगा।

यह 5 तरीके करोगे तो दिमाग दौड़ने लगेगा :

1. एक्सरसाइज करे, स्पोर्ट्स खेले

आपको किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज करनी है। एक्सरसाइज से होता यह है; कि एक्सरसाइज के वजह से हमारे दिमाग मे खून संचारित होता है। जो कि दिमाग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। और खून संचरित होने से हमारे दिमाग की कोशिकाएं तरोताजा और एनरजेटिक रहती है। जिससे हम दिमाग लगाकर काम कर सकते है।

अगर उनतक खून नही संचरित होता हो तो वह कोशिकाएं थक जाएगी और हम कोई भी काम ढंग से नही कर पाएंगे। हमारा कंसन्ट्रेशन ही नही होगा। और हमे भूलने की बीमारी लग जायेगी। तो इसीलिए एक्सरसाइस दिमाग के लिए महत्वपूर्ण है।

2. अच्छी नींद

यह तो आजके जमाने का अहम मुद्दा है। सोशल मीडिया हो या मोबाइल के गेम्स हो पबजी, एंग्री बर्ड्स, तीन पत्ती, यह ऐसे गेम्स है। जिनके कारण आधे से ज्यादा दुनिया ने अपनी नींद को त्याग दिया है। और बाकी बचे सोशल मीडिया पर हसीनाओ से बाते करने में नींद त्याग रहे है। दोस्तो हर एक चीज़ को आराम बहुत ही जरूरी होता है, फिर चाहे वो मशीन ही क्यों न हो या फिर वह इंसान हो।

जैसे कोई गाड़ी अगर हम चलाते है, तो उसे थोड़ा आराम जरूरी होता है; याने आगे का सफर वो और भी अच्छे से कर सके। नही तो आप लागातार चलाते रहोगे तो उसका इंजिन गर्म होकर बन्द हो जाएगा। वैसे ही इंसानो का है। अगर दिमाग को आराम नही दिया तो आपको बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जैसे भूलने की बीमारी, सर दर्द, माईग्रेन इत्यादि। दोस्तो जब हम सोते है, तभी दिमाग अपना आराम कर पाता है। क्योकि सोते वक्त हम कोई भी काम नही करते है।

जिससे दिमाग पर कोई भी तनाव नही होता है। और न ही दिमाग कुछ सोच रहा होता है। तो उससे उसकी कोशिकाओं को बहुत ही आराम मिलता है जिसके कारण वह नींद से जागने के बाद और भी अच्छेसे काम कर पाती है। अब नींद कितनी लेनी है? आपको रोजाना 8 से 10 घण्टे तक नींद लेना जरूरी है। जिससे दिमाग को और सारे शरीर को आराम मिल सके।

3. मैडिटेशन

मैडिटेशन एक ऐसा योग अभ्यास है, जिसके जरिये हम दिमाग को जितना चाहे उतना तेज कर सकते है।
अगर आप रोजाना मेडिटेशन करते हो तो, आपका दिमाग तनाव से मुक्त रहेगा, सदा एनरजेटिक रहेगा जिसके वजह से आप काम में दिल लगा पाओगे और अच्छे से कर पाओगे। चलो मेडिटेशन करते कैसे है ?

मेडिटेशन यह एक शान्तिपूर्वक जगह पर शांति से बैठकर किये जाने वाली प्रक्रिया है। जिससे दिमाग को राहत और सुकून मिल पाता है। और दिमाग और भी अच्छे से सोच पाता है, किसि भी काम को करने के लिए दिमाग लगा पाता है। मैडिटेशन की ध्वनि या शांति से शरीर के भीतर एक पॉजिटिव वाइब्रेशन पैदा होता है। जिससे दिमाग तेज होता है।

4. पॉजिटिव रहना

अपने दिमाग को अपने काम किया जाने वाले घण्टो में सदा बिजी रखो। जिससे उसे दूसरे कुछ नेगेटिव विचार ही न आये। जैसे कि खाली दिमाग शैतान का घर बोलते है ना, कुछ काम न हो तो दिमाग नेगेटिव चीज़ो के बारे में सोचता रहता है। उससे हमारे शरीर पर गलत परिणाम होकर हमे बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

अब पॉजिटिव रहना याने क्या ? हमेशा ऐसे व्यक्ति वे सम्पर्क के रहो जो आपको अच्छी ही बाटे बताये या आप कुछ अच्छा काम करते रहे। निगेटिव लोगो से दूर ही रहे और उनको अवॉइड करे। क्यो की नेगेटिव विचार करने से हमारे दिमाग पर बहुत ही गंधा परिणाम होता है, और दिमाग उसी चीज़ को बार बार सोचता रहता हूं। और इससे हमारे शरीर पर नेगेटिव एनर्जी छा जाती है। जिसके चलते हम उदास और दुखी हो जाते हो।

फिर दिमाग चीड़ चीड़ करने लगता काम के दिल नही लगता। गुस्सा आता है, फिर अपनो से झगड़े कर बैठते है। फिर दिल और दिमाग तक जाता है।

5. अकेले रहना छोड़ दे, सदा एक्टिव रहे और खुश रहे:

दोस्तो, खुश रहने से हमारा शरीरी बहुत ही एनरजेटिक रहता है, और एक्टिव रहता है। जिससे हम लोग हमारा काम जल्द से जल्द कर लेते है। अगर खुद के पास कुछ काम न हो तो अपना ज्यादातर समय लोगो को मदद करने में गुजार दो, या तो फिर लोगो को मोटीवेट उत्साहित करते रहो। जिसके कारण वह भी खुश होते है, और आप भी। दुनिया मे सभी बीमारियों की दवा है खुशी। तो सदा खुश रहो हस्ते रहो।

जितना अकेले आप रहोगे उतना परेशानियों से और दुख दर्द से आप पीडित रहोगे। और अकेले समय मे दिमाग नेगेटिव विचार करता रहता है। तो इसी चीज़ को दूर करने के लिए आप अपने आप को बिजी रखें। क्योकि दिमाग के आर्डर पर शरीर चलता है, वह जैसे सोचता है, शरीर वैसे रियेक्ट करता है।

इसीलिए पॉजिटिव ही सोचे याने शरीर अच्छे काम कर सके। दिमाग को खाली समय में भी बिजी रखो याने कुछ नए आइडिया के बारे में सोचते रहना, वैसे काम करते रहना इत्यादि इससे दिमाग और ज्यादा एक्टिव रहता है।

जानिए –

लड़का लड़की को धोखा कब देता है और क्यों देता है ?

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

error: Content is protected !!